TATA Capital IPO: इस साल का सबसे बड़ा फाइनेंस आईपीओ में से एक टाटा कैपिटल अब सभी के लिए खुला होगा, यह कंपनी टाटा संस की प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल NBFC कंपनी है जो वित्तीय सेवाओं में काम करती है। कंपनी का स्थापना वर्ष 2007 है और इसका मुख्यालय मुंबई में है।
टाटा कैपिटल वित्तीय उत्पादों और सेवाओं जैसे कि Commercial Finance, Consumer Credit, Wealth Management और Credit Card वितरण में माहिर है। कंपनी के पास 70 लाख से अधिक ग्राहक हैं और इसका नेट वर्थ मार्च 2025 तक लगभग 32,562 करोड़ रुपये है। टाटा कैपिटल की अंतर्गत टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और टाटा सिक्योरिटीज लिमिटेड जैसी सहायक कंपनियां भी कार्यरत हैं।
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टाटा कैपिटल आईपीओ जानकारी
टाटा कैपिटल का आईपीओ इस साल के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। इस आईपीओ का प्राइस बैंड 310 रुपये से लेकर 326 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस आईपीओ के माध्यम से कंपनी लगभग 15,512 करोड़ रुपये जुटाएगी। कुल शेयर संख्या 47.58 करोड़ हैं, जिनमें से 21 करोड़ नए शेयर होंगे जबकि 26.58 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत जारी किए जाएंगे। टाटा संस की कंपनी में 88.6% हिस्सेदारी है, जबकि इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) के पास 1.8% हिस्सेदारी है।
TATA Capital IPO
यह आईपीओ 6 अक्टूबर 2025 को खुलेगा और 8 अक्टूबर 2025 को बंद होगा। एंकर निवेशक 3 अक्टूबर 2025 से बोली लगा सकते हैं। शेयर बाजार में टाटा कैपिटल के शेयरों की लिस्टिंग 13 अक्टूबर 2025 को होने की संभावना है। आईपीओ में न्यूनतम आवेदन के लिए 46 शेयर रखने होंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 14,996 रुपये होगी।
| IPO Open | 6 अक्टूबर 2025 |
| IPO Close | 8 अक्टूबर 2025 |
| एंकर निवेशक बोली तिथि | 3 अक्टूबर 2025 |
| प्राइस बैंड (प्रति शेयर) | ₹310 से ₹326 |
| Lot Size | 46 शेयर |
| Total Shares | 47.58 करोड़ शेयर |
| New Shares | 21 करोड़ शेयर |
| ऑफर फॉर सेल (OFS) शेयर | 26.58 करोड़ शेयर |
| Approve Amount | लगभग ₹15,512 करोड़ |
| टाटा संस की हिस्सेदारी | 88.6% |
| IFC की हिस्सेदारी | 1.8% |
| Listing Date | 13 अक्टूबर 2025 |
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आईपीओ का उद्देश्य
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी के टियर-1 कैपिटल आधार को मजबूत करने और उधारी सहित भविष्य की कैपिटल आवश्यकताओं के लिए किया जाएगा। टाटा कैपिटल निरंतर उच्च गति से बढ़ रही है और अपनी बाजार हिस्सेदारी को भी बढ़ा रही है। कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राजीव सभरवाल ने बताया कि फाइनेंशियल सेक्टर में एनबीएफसी की ग्रोथ दर 17-18 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो कि सामान्य बाजार ग्रोथ दर से अधिक है।
टाटा कैपिटल का बिज़नेस मॉडल
टाटा कैपिटल सिर्फ लोन देने वाली कंपनी नहीं है, बल्कि यह इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड, ऐसेट मैनेजमेंट और प्राइवेट इक्विटी फंडों के लिए प्रायोजन और निवेश जैसी सेवाएं भी प्रदान करती है। इसका कमर्सिअल वेहिकल बाजार में भी बड़ा प्रभाव है, जो लगभग 10 लाख करोड़ रुपये तक का है। हर साल इस बाजार में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का वितरण भी होता है।
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टाटा कैपिटल IPO GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम)
TATA Capital IPO: टाटा कैपिटल आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) वर्तमान में लगभग 8% के आस-पास बना हुआ है। इसका मतलब है कि जो शेयर आईपीओ के जरिए जारी किए जायेंगे उसमे 8% अधिक रिटर्न मिल सकता है।
यह GMP दर्शाता है कि टाटा कैपिटल के शेयरों की मांग ठीक-ठाक मजबूत है, लेकिन अत्यधिक लोग इसमें उत्साह नहीं है। विश्लेषकों की राय है कि इस GMP के हिसाब से टाटा कैपिटल आईपीओ पर एक अच्छा लिस्टिंग गेन होने की संभावना है, जिससे निवेशकों को शुरुआती लाभ मिल सकता है। हालांकि, GMP आधिकारिक नहीं होता और इसे बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार बदला जा सकता है।
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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचना के लिए है। निवेश से पहले कृपया अपनी वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। PBL NEWS में किसी भी प्रकार का निवेश या वित्तीय निर्णय लेने के लिए कोई सुझाव नहीं है। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते। निवेश करते समय अपनी समझदारी और सतर्कता का उपयोग करें।
